फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

New Year: नए साल पर उत्तराखंड में खूब छलके जाम, 14 करोड़ की शराब पी गए लोग, दून-नैनीताल में सबसे ज्यादा

Wed, 01 Jan 2025 08:51 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

New Year 2025 Celebration In Uttarakhand: प्रदेश में नए साल का जश्न बड़े धूमधाम से मनाया गया। रात दो बजे तक बार खोले गए। एक दिन की शराब बिक्री से आबकारी महकमे को 14.27 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ।
विज्ञापन
पार्टी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नए साल के स्वागत में प्रदेशवासी जाम छलकाने में भी पीछे नहीं रहे। साल के अंतिम दिन 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब पी गई। आबकारी महकमे को अंतिम जो राजस्व मिला वह आम दिनों की तुलना में लगभग दोगुने से भी ज्यादा रहा। इसमें सबसे ज्यादा राजस्व देहरादून और नैनीताल से मिला। इनकी भागीदारी कुल राजस्व में आधे से ज्यादा की रही।

विज्ञापन


जबकि बाकी राजस्व अन्य 11 जिलों से मिला। एक दिन के लिए शराब परोसने के लिए कुल 600 बार लाइसेंस लिए गए। इनमें भी देहरादून ने ही बाजी मारी। पूरे प्रदेश में नए साल का जश्न बड़े धूमधाम से मनाया गया। इसकी तैयारियों के लिए शासन के निर्देश पर पूरी रात रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति दी गई थी। जबकि बार खुलने के समय को भी आम दिनों की अपेक्षा तीन घंटे बढ़ा दिया गया था। रात दो बजे तक बार खोले गए। एक दिन की शराब बिक्री से आबकारी महकमे को 14.27 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ। इसमें सबसे अधिक भागीदारी अंग्रेजी शराब की रही। इस दौरान 37 हजार से अधिक अंग्रेजी शराब की पेटियां बेची गईं।

New Year 2025: उत्तराखंड में पिछले साल से इस बार दोगुने हुए वन डे बार लाइसेंस, आधे देहरादून में
विज्ञापन


जबकि, दूसरे नंबर पर नौ हजार से अधिक पेटियां बियर की बिकी। राजस्व का तीसरा हिस्सा देसी शराब बिक्री का रहा। देसी शराब की 11 हजार से अधिक पेटियों की बिक्री हुई। आम दिनों में इसके आधे से भी कम बिक्री होती है। बता दें कि आबकारी विभाग इस साल पिछले साल की तुलना में राजस्व के मामले में 200 करोड़ रुपये आगे चल रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 4400 करोड़ रुपये का है।

विज्ञापन

ये हुई कुल बिक्री

अंग्रेजी शराब- 37161 पेटियां
बियर- 9436 पेटियां
देसी शराब- 11206 पेटियां

इस साल प्रवर्तन की कार्रवाई सख्त रही। यही कारण था कि इस बार पिछले साल की तुलना में वन डे बार लाइसेंस भी दोगुने जारी किए गए। शराब बिक्री के मामले में भी महकमे को पहले से अधिक एक दिन में राजस्व प्राप्त हुआ है।
- हरिचंद सेमवाल, आयुक्त आबकारी विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें