Iदेश के अलग-अलग हिस्सों से यात्रा करके उत्तराखंड लौटे तीन लोगों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जेएन.1 की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक तीनों ही मरीजों की हालत सामान्य है। ऐसे में एहतियात तो बरतें लेकिन घबराएं नहीं। इसमें से एक मरीज ऋषिकेश एम्स में भर्ती है, जबकि दो अन्य मरीजों में से एक उत्तराखंड में ही अपने घर में क्वारंटीन है व दूसरा वापस मुंबई जाकर क्वारंटीन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग तीनों मरीजों पर नजर रख रहा है।
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Iदेशभर में कोरोना वायरस के अब तक 300 से भी अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड में कोरोना वायरस के तीन ऐसे मरीज सामने आए जो कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र से यात्रा करके लौटे थे। उनकी जब यहां जांच कराई गई तो उनमें कोरोना वायरस के जेएन.1 वैरिएंट की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दो मरीज उत्तराखंड में ही उपचार ले रहे हैं। जबकि एक मरीज वापस मुंबई लौट गया है। अधिकारियों ने महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर उसे क्वारंटीन कराया है। जानकारी के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव आई कर्नाटक से आने वाली महिला चिकित्सक घर के क्वारंटी है। जबकि एक महिला ऋषिकेश एम्स में भर्ती है।
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स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच की 1200 किट मंगवाईं
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Iसीएमाओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जिले के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मरीजों में इंफ्लुएंजा और गंभीर तीव्र स्वसन सिंड्राेम से पीड़ित सभी मरीजों की आवश्यक रूप से कोरोना की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना की 1200 जांच किट मंगवाई हैं। इसमें 1000 रैपिड और 200 आरटीपीसीआर जांच किट शामिल हैं। जांच की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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Iप्रदेश में कोरोना का अभी तक स्थानीय मरीज सामने नहीं आया है। तीनों मरीज दूसरे राज्यों से यात्रा करके लौटे थे। कोरोना के खतरे को देखते हुए प्रदेश की सभी चिकित्सा इकाईयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। - डॉ. आर राजेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव उत्तराखंडI