वक्त की कमी के चलते अब देहरादून में नवरात्र पूजन का ट्रेंड भी बदल रहा है। दून के कई लोग घर पर कंजक पूजन के बजाए मंदिरों और आश्रमों में भोजन सामग्री दे आते हैं।
रेडीमेड खाद्य सामग्री के पैकेट
कुछ लोग घर पर हलवा-पूरी भी नहीं बना पा रहे। वे रेडीमेड खाद्य सामग्री के पैकेट घर में पूजा करने के बाद पड़ोस में बच्चियों को दे देते हैं।
मैं हर बार अष्टमी पर कन्या पूजन करती हूं। पहले मोहल्ले के बीच रहती थी तो बच्चियां मिल जाती थीं। फ्लैट में
शिफ्ट होने के बाद कन्याएं नहीं मिलतीं। अब चिप्स, कुरकुरे आदि के पैकेट तैयार कर मंदिर में दे देती हूं।
- साधना अरोड़ा, जीएमएस रोड
नौकरी की वजह से घर में खाना बनाने का समय नहीं मिलता। व्रत रख लेती हूं लेकिन पक्का खाना बनाना, फिर बच्चियों को बुलाना, बिठा कर खिलाना इन सबमें बहुत समय लग जाता है। मैं चिप्स, चॉकलेट आदि के रेडीमेड
पैकेट तैयार करती हूं।
- शिल्पी, निवासी मन्नूगंज
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