उसके नजदीक ही नए पुल के लिए स्थान चिन्हित करने का प्रयास किया जाएगा। चिन्हित स्थान की भूगर्भीय जांच कर ये पता भी लगाया जाएगा कि वहां की मिट्टी व चट्टान किस स्तर की है और वो कितना दबाव झेल सकती है। इन तमाम तकनीकी परीक्षण के उपरांत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य आरंभ होगा।
नए झूला पुल की लंबाई करीब 150 मीटर होगी। प्रथम चरण के कार्य में पुल के डिजाइन, उसकी चौड़ाई और दर्शनीयता पर फोकस किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो नए झूला पुल का निर्माण महाकुंभ से पहले किया जाएगा। चूंकि ये प्रोजेक्ट प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए यदि कोई बड़ी या तकनीकी बाधा सामने नहीं आती है तो ये करीब छह महीने में तैयार हो सकता है।