चालान के वक्त अब आरटीओ कर्मी वाहन चालकों से मनमाफिक भुगतान नहीं करा पाएंगे। चालान भुगतान में पारदर्शिता के लिए आरटीओ दफ्तर में जल्द एक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाएगा।
शुक्रवार को सॉफ्टवेयर का सफल ट्रायल किया गया। एक हफ्ते की भीतर ही इसे ऑफिस के कंप्यूटर्स में इंस्टॉल कर दिया जाएगा।
इसलिए पड़ी जरूरत
प्रवर्तन दल की कार्रवाई के बाद चालान भुगतान के लिए लोग आरटीओ आते हैं। यहां चालान में दर्ज एमवी एक्ट की धाराओं के लिए अलग-अलग शुल्क लिया जाता है।
अक्सर एक तरह के आरोपों में अलग-अलग भुगतान की शिकायत मिलती है। इसके लिए कई बार हंगामा भी हुए हैं। मगर नई व्यवस्था के जरिए चालान भुगतना सरल और पारदर्शी हो जाएगा।
ऐसे करेगा काम
जिसका चालान कटा होगा वह काउंटर में जाएगा और अपना चालान देगा। जितनी धाराएं चालान में दर्ज होगी उसे सॉफ्टवेयर में फीड किया जाएगा।
सॉफ्टवेयर में पहले से ही एमवी एक्ट की धाराओं पर होने वाला जुर्माना दर्ज होगा। जैसे ही धाराएं डालेंगे तय जुर्माना स्क्रीन में आ जाएगा।