एवरेस्ट की ओर रुख करने वाले पर्वतारोहियों को अब कुंभु ग्लेश्यिर के खतरे का सामना कम करना होगा। इतना जरूर है कि रास्ता थोड़ा लंबा होगा और पर्वतारोहियों को सीधी बर्फ की दीवार का सामना कई जगह करना पड़ेगा।
विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ओर रुख करते समय पर्वतारोहियों को 5360 मीटर क्री ऊंचाई पर बेस कैंप से आगे कुंभु ग्लेश्यिर के बांयी ओर से होते हुए आगे बढ़ना होता है।
5970 मीटर की ऊंचाई पर बेस कैंप वन तक पहुंचने के लिए इस ग्लेश्यिर को पार करना सबसे जोखिम भरा काम है। कारण यह भी है कुंभु आइस फॉल का यह रास्ता लगातार ग्लेश्यिर की हलचल का है। यहां सबसे अधिक हिमस्खलन होता है। ऐसे में इस रास्ते को पर्वतारोही रात के समय में पार करते हैं।