अब स्वास्थ्य विभाग दवा क्रय करने के लिए कंपनियों के साथ मूल्य अनुबंध करेगा। इसके अनुसार दो साल तक दवाइयों उसी दर पर खरीदी जाएंगी, जो एक बार तय हो चुकी हैं। ऐसे में अस्पतालों में दवाइयां खत्म होने पर अनुबंधित कंपनी तत्काल दवा की आपूर्ति कर देगी।
मरीजों को बाजार से खरीदने पड़ती थीं दवाइयां
सरकारी अस्पतालों में अब तक दवा खत्म होने पर कई-कई दिनों तक दवा का स्टॉक नहीं आ पाता था। ऐसे में मरीजों को कई बार बाहर से खुद दवा खरीदनी पड़ती थी। नई व्यवस्था के तहत दवा आसानी से उपलब्ध होने पर अब मरीजों को बाहर से दवाइयां नहीं खरीदनी पड़ेंगी।
नई नीति में दवाओं की खरीद मूल्य अनुबंध के आधार पर की जाएगी। इससे अब अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध रहेंगी।
- डॉ.अमिता उप्रेती, स्वास्थ्य महानिदेशक