केदारनाथ के पुनर्निर्माण में एक नया अध्याय जुड़ गया है। विश्व में पहली बार सिविल क्षेत्र में साढ़े ग्यारह फीट की ऊंचाई पर हो रहे निर्माण के लिए हेलीकॉप्टर में नेट की मदद से लटकाकर निर्माण सामग्री पहुंचाई गई है।
हेलीकॉप्टर से पांच फेरों में 20 कुंतल सामग्री धाम पहुंचाई गई है। अभी करीब तीन सौ टन से अधिक निर्माण सामग्री और पहुंचाई जानी है। केदारनाथ में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान पुनर्निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है।
पुनर्निर्माण के लिए सामग्री धाम तक आसानी से पहुंचाने के लिए अंडर सलंग कारगो विधि अपनाई जा रही है। सिविल में मध्य हिमालय क्षेत्र में (साढ़े 11 हजार फीट की ऊंचाई) निर्माण सामग्री पहुंचाने का यह पूरे विश्व में पहला मौका है।
हेलीकॉप्टर से एक चक्कर में अधिकतम पांच कुंतल सामग्री ले जाई जा रही है। इस विधि के तहत हेलीकॉप्टर पर एक मजबूत नेट बांध दिया जाता है। नेट में वजन और साइज के हिसाब से निर्माण सामग्री/वस्तुओं को रखा जाता है। हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने पर सामग्री से भरा यह नेट हवा में झूलने लगता है।