नेता जी को आजकल पर्यावरण की खूब चिंता है। उन्हें ऐसी चिंता हो रही है कि उनका सेहत खराब होता चला रहा है। हो भी क्यों न। पहले महाशय ने शहर की नदियों पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण कराया। आपदा आई तो नदियों ने खूब कहर बरपाया। तब महोदय को पर्यावरण की चिंता आने लगी।
अब वह नदियों के किनारे पौधोरपण करते नजर आ रहा है। साथ ही लोगों को पर्यावरण बचाने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं। नेता जी की यह चिंता कब तक रहेगी। यह तो नेता जी ही जानते है।
एक ने सबकी बंद कर दी बोलती
उत्तराखंड में एक ऐसे साहब है, जोकि सब साहब की बोलती बंद करा दी। खुद के आगे दूसरे का कुछ भी नहीं सुनना। जो कह दिया वह ही आदेश हो गया। इसको लेकर सारे साहब परेशान है। बस एक ही दुआ कर रहे हैं कि जनाब से कब पिंड छुटेगा। यह जनाब उत्तराखंड के दूसरे नंबर के नौकरशाह है।