देहरादून में आयोजित पर्यावरण बचाने को लेकर हुए कार्यक्रम में मौजूद अमर उजाला और नेस्ले के अधिकारी।
कंपनी इसे रिसाइकिल करेगी। उनका मकसद है कि लोगों के भीतर इस बात की जागरूकता आए कि वे प्लास्टिक से बने रैपर को जमीन पर न फेंके। इसके बजाय उसके निस्तारण का पक्ष सोचें। अमर उजाला के साथ मिलकर प्रदेशभर में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत तमाम स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता, शपथ के अलावा मैगी के इस्तेमाल से जुड़े लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। नेस्ले के उत्तराखंड हेड (कारपोरेट अफेयर्स) रोहित ने लोगों से अपील की है कि वे मैगी के रैपर को जमीर पर न फेंकें।
उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से पर्यावरण बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है। कंपनी सीनियर मैनेजर (कारपोरेट कम्यूनिकेशन) अंबरीन शाह ने कहा कि नेस्ले मैगी जो भी प्लास्टिक बाजार तक भेज रही है, उसकी जिम्मेदारी उठाने के साथ ही लोगों को भी जागरूक कर रही है कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भलिभांति समझें।
पर्यावरण बचाने को बदलेगी कंपनी की पैकिंग
नेस्ले मैगी की ओर से पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम यहीं नहीं थमेगी। अब कंपनी ऐसे रैपर पर काम कर रही है, जो कि एनवायरमेंट फ्रेंडली हो। इसके लिए मोनो लेयर पैकेजिंग पर काम चल रहा है। कंपनी के विशेषज्ञ ऐसे रैपर तैयार करने में जुटे हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो। लोग अपनी जिम्मेदारी समझेंगे तो निश्चित तौर पर इसका बेहतर नतीजा सामने आएगा।