इन सामाजिक कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित
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उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में 1950 से आज तक 8.3 बिलियन टन प्लास्टिक कचरा पैदा हुआ है, जिसमें से केवल नौ प्रतिशत ही रिसाइकिल हुआ। 80 प्रतिशत कचरा जमीन में मिला दिया गया। भारत में भी हर साल 26,000 टन प्लास्टिक कचरा निकल रहा है, जिसके निस्तारण को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसमें मल्टी लेयर प्लास्टिक की महत्ता नहीं है, जो कि पर्यावरण पर सबसे बड़ा बोझ बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक बेहद काम का पदार्थ है लेकिन इसे पर्यावरण फ्रेंडली बनाने की जरूरत है। इसके लिए करीब 30-32 कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं।