ओखलकांडा ब्लॉक के स्याली ग्रामसभा के बड़ाक तोक में जमीन के विवाद को लेकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
बेटे और पोती के साथ बाजार से लौट रहे वृद्ध की उसके भतीजों ने पत्थर मार-मारकर जान ले ली। मृतक का बेटा अपनी बेटी को लेकर किसी तरह जान बचाकर बच निकला। उसने अपने ताऊ के तीन बेटों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। राजस्व पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
राजस्व पुलिस को दर्ज कराई रिपोर्ट में बड़ाक तोक निवासी संजय राम (30) पुत्र गजेंद्र राम ने कहा है कि उनका अपने ताऊ शंकर राम से कई वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद में दोनों परिवारों में कई बार झगड़ा भी हो चुका है। आरोप है कि सोमवार को वह पिता गजेंद्र राम और अपनी बेटी के साथ बाइक से खनस्यू बाजार गया था।
शाम करीब चार बजे खरीदारी कर तीनों घर लौट रहे थे। अभी वह लोग सिमलिया बैंड से कुछ आगे ही बढ़े थे कि उसके ताऊ के पुत्र मनोज, हरीश और महेश ने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। वह किसी तरह बेटी को साथ लेकर जान बचाकर वापस खनस्यू बाजार पहुंचा और लोगों को घटना की जानकारी दी। जब तक ग्रामीणों के साथ वह मौके पर पहुंचता उसके पिता की पत्थर मार-मारकर हत्या की जा चुकी थी और आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इधर, सूचना पर तहसीलदार नवाजिश खलिक, कानूनगो रमेश बुधानी, पटवारी पूरन सनवाल, प्रेम गोस्वामी और नईम अहमद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। पटवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर उक्त तीनों भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
वहीं तहसीलदार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कानूनगो रमेश बुधानी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम में राजस्व उपनिरीक्षकों के अलावा ग्राम प्रहरियों को भी शामिल किया गया है। देर शाम आरोपियों के घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह घर से फरार हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक गजेंद्र राम और हत्याकांड में नामजद उसके तीनों भतीजे मजदूरी कर अपने परिवारों का पालन पोषण करते थे।