प्रवासी नेपाली नौजवानों और नागरिकों ने नेपाल में तत्काल संविधान तैयार करने और उसे लागू करने की मांग को लेकर रविवार को पिथौरागढ़ के गांधी चौक में प्रदर्शन किया। प्रवासी नेपाली कल्याणकारी संगठन के आह्वान पर एकत्रित लोगों का कहना है कि एक बार नेपाल में संविधान निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन कुछ नेताओं ने स्वार्थ के कारण इसमें अड़ंगा डाल दिया।
संविधान ने होने का बुरा असर
प्रवासी नेपाली कल्याणकारी संगठन के अध्यक्ष हिम्मत सिंह रतोली ने कहा कि वर्षों तक नेपाल में राजशाही रही थी। नेपाल की जनता राजशाही से त्रस्त थी। बाद में माओवादियों के कहर से देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई।
अब देश लोकतांत्रिक प्रक्रिया की तरफ तो बढ़ा है, लेकिन संविधान निर्माण नहीं हो पाया है। इसका असर नेपाल की आम जनता पर पड़ रहा है।
भारत से लें सीख
संगठन के सचिव गणेश साउद ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र बेहद मजबूत है। यहां लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की व्यवस्था संविधान में की गई है। नेपाल के नेताओं को भारत से सबक लेना चाहिए।
पिथौरागढ़ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु ओझा ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति तभी हो सकती है जब उस देश के लोगों को अधिकार मिलें और उन अधिकारों के संरक्षण की व्यवस्था हो।