नेपाल अब बनबसा की सीमा पर गड्ढाचौकी तक रेलमार्ग बनाने जा रहा है। इसके लिए सर्वेक्षण शुरू हो गया है। नेपाल भूतल, यातायात मंत्रालय के तहत पूर्व पश्चिम रेलवे को यहां बनाने वाले रेलमार्ग का सर्वेक्षण कार्य सौंपा गया है। जल्द ही डीपीआर बनाई जाएगी। नेपाल सरकार की अगले 20 वर्षों में चार हजार किमी लंबा रेलमार्ग निर्माण की योजना है।
नेपाल सरकार ने रेलमार्ग के निर्माण की योजना बनाई है। इसके लिए सर्वेक्षण, तकनीकी अध्ययन शुरू हो गया है। बुटवल-लमही, लमही-कोहलपुर, कोहलपुर-नेपालगंज, कोहलपुर-सुखड़, सुखड़-गड्डाचौकी तक रेलमार्ग बिछाने के लिए डीपीआर बनाई जा रही है।
फिलहाल नेपाल सरकार ने आगामी 10 वर्षों में 1500 किमी और उसके अगले पांच साल में 750 किमी रेलमार्ग निर्माण की योजना प्रस्तावित की है। रेल विभाग के प्रवक्ता प्रकाश भक्त ने बताया कि कोहलपुर-सुखड़ तक रेलमार्ग की डीपीआर बनाने का जिम्मा चीन की चाइना रेलवे सियुयान सर्वे एंड डिजाइन ग्रुप, नेपाल की ईआरएमसी सर्विस को सौंपा गया है। इसके लिए कंपनी को 25 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है जबकि सुखड़ से गड्ढाचौकी तक की डीपीआर बनाने का ठेका 25 करोड़ रुपये में कोरिया की कंपनी पियुंग्वा इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को दिया गया है।
रेलमार्ग की डीपीआर वर्ष 2018-19 तक तैयार होगी। नेपाल रेल विभाग के महानिदेशक विष्णुओम वादे के मुताबिक रेल निर्माण पर सरकार ने 10 वर्षों तक प्रतिवर्ष 35 अरब रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। वादे ने बताया कि पूर्व के सिमरा-वर्दीबास खंड में कार्य पहले से चल रहा है। वहां 109 किमी में से 36 किमी में लगभग 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है।