मधेसी आंदोलन के चलते पश्चिमी नेपाल के जिलों में बर्बादी के जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नेपाल सरकार और मधेसियों के बीच अभी सुलह का रास्ता नहीं निकला है।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में आंदोलन और तेज हो सकता है। साथ ही पश्चिमी नेपाल के जिलों में जरूरी चीजों की किल्लत और बढ़ जाएगी।
पश्चिमी नेपाल के बैतड़ी, दार्चुला, बजांग जिलों में डीजल, पेट्रोल के साथ ही दवाओं की भी किल्लत बरकरार है। राशन, सब्जी एवं अन्य सामान तो लोग भारतीय बाजारों से ले जा रहे हैं, लेकिन रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।