रुड़की के मोहित ने छठे प्रयास में पाई सफलता
रुड़की के मोहित पाल ने दिखा दिया है कि जब हौसला है तो मंजिल आसान हो जाती है। मोहित के पिता ट्रक चालक हैं। उन्होंने नीट में 576 अंक हासिल किया है। छठे प्रयास में मोहित को यह कामयाबी मिली है। मोहित ने शिवालिक स्कूल रुड़की से वर्ष 2016 में 12वीं की। सपना डॉक्टर बनने का था तो मेडिकल की तैयारी में जुट गए। मोहित के परिवार की आर्थिक स्थिति देख बलूनी क्लासेज ने उन्हें निशुल्क कोचिंग दी। मोहित ने बताया कि उनके पिता प्रमोद कुमार पाल ट्रक चलाते हैं। मां सरस्वती गृहिणी हैं। बड़े भाई जय और बहन नेहा प्राइवेट नौकरी करते हैं। बताया कि कई प्रयासों के बाद भी उन्हें अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिल रही थी। ऐेसे में वर्ष 2020 में उन्होंने स्नातक में दाखिला ले लिया। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा भी दे दी थी। वेटनरी कोर्स में प्रवेश भी मिल रहा था, पर मन नहीं माना। इसी बीच उन्होंने एक आखिरी कोशिश करने का मन बनाया और अब उनका सपना पूरा होने जा रहा है।
नीट में हरिद्वार के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम
नीट परीक्षा परिणाम में हरिद्वार के मेधावी बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं ने सफलता का श्रेय गुरुजनों और माता-पिता को दिया है। कोटा क्लासेस के महानिदेशक रवि वर्मा ने बताया कि नीट की परीक्षा में सिद्धांत कोठारी ने 622 अंक प्राप्त किए हैं। सिद्धांत ने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा में भी 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। दीया भट्ट ने 584 अंक हासिल किए हैं। सफलता का श्रेय गुरुजनों और माता-पिता को दिया। सुमंत एवं आकाश गिरि ने 575 अंक प्राप्त किए हैं। जनरल केटेगरी के 25 छात्रों ने 550 से ऊपर अंग प्राप्त किए हैं। ओबीसी एवं एससी/एसटी केटेगरी से 15 छात्रों ने सफलता हासिल की है। रवि वर्मा ने बताया कि संस्थान के 40 छात्रों को एमबीबीएस मिलने की संभावना है। आकाश इंस्टीट्यूट के निखिल गुप्ता ने एआईआर में 1170वां, दरबारा सिंह ने 1315वां, अनिष्का कौशिक ने 1378वां और पुनर्वासु पांडे ने 5047वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं नंद विहार कालोनी की मोनिका अग्रवाल ने 618 अंकों के साथ 13282वीं रैंक हासिल की है।
ऋषिकेश के सिद्धांत को मिले 622 अंक
नीट 2022 की परीक्षा में सिद्धांत कोठारी ने 622 अंक प्राप्त किए हैं। सिद्धान्त ने इसी साल डीएसबी गुमानीवाला से 12वीं की परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इसके अलावा दिया भट्ट ने 584 अंक और सुमंत और आकाश गिरी ने 575 अंक प्राप्त किए हैं। सिद्धांत कोठारी ने बताया कि उनके पिता दिवंगत रमेश कोठारी स्टेट बैंक कर्मचारी थे। मां मंजू कोठारी गृहणी हैं। बीते तीन साल से वह एक संस्थान से तैयारी कर रहे हैं। उनका फोकस केवल पढ़ाई पर रहता है। इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिजनों और गुरुजनों को दिया है। सिद्धांत के चाचा राकेश कोठारी ने बताया कि उनका भतीजा पढ़ाई में अच्छा है।