इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परीक्षा होनी चाहिए। इसके लिए कोविड-19 महामारी की रोकथाम को लेकर जो भी मानक हैं, उनका पालन करते हुए परीक्षाएं कराई जा सकती है। ऐसा राज्य सरकार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में कर चुकी है।
तब एक भी मामला नहीं आया था। पूरी सतर्कता के साथ परीक्षा कराना इसलिए भी जरूरी है कि क्योंकि यह बच्चों के भविष्य से जुड़ा मसला है। उनका एक साल बहुत कीमती है। यह समय विरोध की राजनीति के बारे में सोचने का नहीं है। इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले बच्चे बहुत समझदार हैं। वे देश की क्रीम हैं।
कोरोना काल में नीट (मेन) और जेईई की परीक्षा आयोजित करने का कांग्रेस ने खुलकर विरोध करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में देहरादून में सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन होगा। जिलों में भी कांग्रेसियों को विरोध जताने को कहा गया है।
कांग्रेस प्रदेेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के मुताबिक कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लोगों की जान की परवाह किए बिना ही परीक्षा आयोजित कराने पर आमादा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए भी परीक्षा कराने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।
प्रीतम सिंह ने यह भी कहा कि कोरोना संक्रमण रोक पाने की असफलता छ़ुुपाने के लिए भाजपा सरकार विपक्ष के नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे भी दर्ज करवा रही है। प्रदेश में मानसून के कारण कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और लोग परेशान हैं, सरकार कुछ नहीं कर पा रही है।
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने बताया कि पार्टी की ओर से परीक्षा स्थगित करने और हालात सामान्य होने पर ही आयोजित किए जाने की मांग की जाएगी। उधर, कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि जिलों के पदाधिकारियों को भी किसी केंद्रीय संस्थान के सामने प्रदर्शन करने को कहा गया है।