उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि वह डेंगू की बीमारी के संबंध में काफी संजीदा हैं।
इससे निपटने के लिए शहरी विकास, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर रणनीति बना रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक स्वास्थ्य विभाग की डेंगू के खिलाफ रणनीति बनेगी तब तक न तो मरीज बचेंगे और न ही मर्ज। इस वक्त हरिद्वार में डेंगू महामारी बन गया है।
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प्रदेश के दूसरे जिलों से भी रोगी राजधानी की अस्पतालों में इलाज के लिए आ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री ने मौजूदा स्थिति में डेंगू से निपटने की जो रणनीति बनाई है उसकी कार्ययोजना बनते-बनते छह महीने से अधिक का समय लगेगा। तब तक जाड़े का मौसम आ जाएगा और डेंगू अपने आप खत्म हो जाएगा।
जागरूकता की जरूरत
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डेंगू की बीमारी से बचने के लिए सबसे अधिक जागरूकता की जरूरत है। लोग जागरूक रहेंगे और जलभराव नहीं होने देंगे तो एडीज एजिप्टाई मच्छर पनपने ही नहीं पाएगा।
डेंगू और दूसरी बीमारियों की जांच की सुविधा के संबंध में उन्होंने कहा कि सहूलियत तो उपलब्ध करा ही दी जाएगी। पहले लोग जागरूक तो हो जाएं। लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करने के लिए चार विभागों की संयुक्त टीमें बनेंगी।
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(ऊपर दिए गए आंकड़े महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा.जीएस जोशी के अनुसार हैं। जबकि हकीकत यह है कि मरीजों की संख्या इससे कई गुना अधिक है। केवल हरिद्वार में ही छह से अधिक डेंगू के मरीजों की मौत हो चुकी है। 154 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है।)
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