डीजी के मुताबिक पूरे देश में डकैती, लूट और चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी (वर्ष 2018) में उत्तराखंड तीसरे स्थान पर रहा। उत्तराखंड में 63.2 प्रतिशत संपत्ति बरामद कर ली गई। तेलंगाना 70.6 प्रतिशत बरामदगी के साथ पहले और तमिलनाडु 67 बरामदगी कर दूसरे स्थान पर रहा है।
उत्तरी राज्यों में संपत्ति बरामदगी में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान पाया है। जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल दूसरे, जम्मू कश्मीर तीसरे, पंजाब चौथे, उत्तर प्रदेश पांचवें और हरियाणा छठे यानि अंतिम स्थान पर रहा है। इससे पहले उत्तराखंड में 2016 में 54 प्रतिशत और 2017 में 52.7 प्रतिशत संपत्ति की बरामदगी की थी। 2018 में पुलिस से 11 करोड़ की लूटी और चोरी संपत्ति बरामद करने में कामयाब रही है।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रोफेशनल पुलिसिंग से संपत्ति की बरामदगी बढ़ी है। भविष्य में बरामदगी को बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित अपराधों में पिछले बरसों के मुकाबले कमी आई है। एनसीआरबी के आंकड़ों से यह भी साफ हुआ कि उत्तरी राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उत्तराखंड सर्वाधिक सुरक्षित राज्य है।