प्रदेश में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम की पुस्तकें आठ साल तक नहीं बदली जाएंगी।विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि प्रदेश में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम की पुस्तकें आठ साल तक नहीं बदली जाएंगी। इससे स्कूलों के हर साल पाठ्यक्रम की पुस्तकों के बदले जाने से अभिभावकों को निजात मिल जाएगी।
अभी तक स्कूलों में प्रत्येक कक्षा के पाठ्यक्रम की कोई न कोई किताब बदल दी जाती है, जिससे छात्र को पुरानी किताबों का लाभ नहीं मिल पाता। विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने मंगलवार को सचिवालय में बताया कि जनवरी, 2018 के अंत तक पुस्तकें छप कर विक्रय के लिए उपलब्ध हो जाएंगी।
इसके लिए तैयारी पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देशप्राप्त होते ही पुस्तकों के मुद्रण के लिए टेंडर फाइनल कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें उच्च गुणवत्ता के कागज पर छपेंगी, जिससे बुक बैंक में ये सुरक्षित रहें और छात्र इनका लाभ उठा सकें। विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग में बैकलॉग भर्तियां शीघ्र होंगी।
इस संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही सीबीएसई आफिस के लिए भूमि तलाश करके बताई जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान में गड़बड़ियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो एसआईटी से अभियान की भी जांच कराई जाएगी।