अस्पताल मे पहुँचे रानीबाग एनसीसी कैम्प में फुड पॉइजनिंग का शिकार हुए एनसीसी कैडिट।
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ट्रेनिंग के समय अचानक 34 एनसीसी कैडेट्स की तबियत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रानीबाग में एनसीसी का प्रशिक्षण ले रहे 34 कैडेट्स की बृहस्पतिवार को तबियत बिगड़ गई। उल्टी और दस्त की शिकायत पर उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया जहां 11 को भर्ती कराया गया। हालांकि शाम को उन्हें छुट्टी दे गई है। बीमार होने का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया जा रहा है।
77 वीं बटालियन यूके की ओर से रानीबाग में एनसीसी कैडेट्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। यहां अल्मोड़ा, गरुड़, नैनीताल, बागेश्वर, रामनगर, रुद्रपुर, द्वाराहाट, कपकोट, बागेश्वर आदि क्षेत्रों से कैडेट्स आए हैं। सुबह कैडेट्स को नाश्ते में उपमा दिया गया।
कैडेट्स ने लगाया आरोप, कैंप में खाना ठीक नहीं
food poisoning
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दोपहर में कुछ कैडेट्स की तबियत बिगड़ गई। आर्मी के अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद 34 कैडेट्स को सुशीला तिवारी अस्पताल लाया गया। विपिन, मंजू, हेमा, तनूजा, पायल, रीता, किरण, प्रभा, निकिता, मदन सिंह और कमलेश को भर्ती किया गया।
कैडेट्स ने आरोप लगाया कि कैंप में खाना ठीक नहीं मिल रहा है। चावल कच्चे दिए जा रहे हैं। सुबह नाश्ते में दिया गया उपमा खाने योग्य नहीं था। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने बताया कि हल्की फूड प्वाइजनिंग हुई थी और सभी की तबियत शाम को सामान्य हो गई थी।
कुछ कैडेट्स को हल्की सी फूड प्वाइजनिंग हुई थी। किसी कैडेट्स को उल्टी, दस्त हुए थे जबकि कुछ के पेट में मरोड़ थी। सभी को भर्ती किया गया था। सभी का हालत शाम को सामान्य हो गई।
डॉ. अरुण जोशी, एमएस, सुशीला तिवारी अस्पताल
फूड प्वाइजनिंग नहीं है। कुछ कैडेट्स को पेट दर्द, उल्टी, सिर दर्द, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत थी और अस्पताल ले गए थे। सभी शाम को कैंप में वापस आ गए थे। पांच सौ लोग में अगर दो-चार लोग कह रहे हैं कि खाना खराब है तो आप समझ सकते हैं। सभी लोग एक सा खाना खाते हैं। बेहतर करने का प्रयास करेंगे। साथ ही अधिक सतर्कता बरती जाएगी।
कर्नल हेमंत कुमार