राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पताल में भर्ती नजरीन को शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। अब दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जांच के बाद उसकी सर्जरी की जाएगी। सर्जरी और उपचार के लिए अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मियों ने चंदा कर मदद जुटाई है। वहीं कालिका मंदिर समिति ने एंबुलेंस और बतौर केयर टेकर एक कर्मचारी की व्यवस्था की।
बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले पितपुड़ा गांव सहारनपुर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी दस साल की बच्ची नजरीन को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया। घर की छत से गिरकर घायल हुई नजरीन की आंतों के आपस में उलझने के कारण उसकी जान को खतरा पैदा हो गया है।
अस्पताल में उपचार की व्यवस्था ना होने पर चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा और गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विपुल कंडवाल ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजने का फैसला किया। बच्ची के पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों और स्टाफ ने 36,500 रुपये की धनराशि जमा की थी।