नवरात्र के दूसरे दिन पूरे विधिविधान के साथ मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जा रही है। नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को देहरादून पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। तड़के से ही मंदिरों में श्रद्घालुओं की लाइन लग गई।
पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा
देवी दर्शन के बाद लोगों ने फलाहार ग्रहण किया। पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा की गई। घरों में कलश स्थापित किए गए। मंदिरों में दुर्गा-सप्तशती के पाठ और भजन-कीर्तन आयोजित किए गए। शुक्रवार को नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाएगी।
पटेलनगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर में सुबह देवी का अभिषेक कर नए वस्त्र पहनाए गए। महिलाओं ने घर-घर जाकर दुर्गा-सप्तशती के पाठ किए। मंदिर समिति गोविंद मोहन ने बताया कि महिलाएं पूरे नौ दिनों तक नौ घरों में सप्तशती का पाठ करती हैं।
भूपेंद्र चड्डा ने बताया कि सुबह रामायण का पाठ किया गया। श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में सुबह शुभ मुहूर्त में घट-स्थापना के साथ देवी पूजन किया गया। सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि शाम को राही अकेला जागरण पार्टी ने श्रद्धालुओं को भजनों पर झुमाया।
गढ़ी-डाकरा स्थित श्री नागेश्वर मंदिर के महंत विश्व नाथ योगी ने बताया कि नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक मंदिर में विश्व शांति की कामना की जाएगी। दिलाराम चौक स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में सुबह और शाम भजन-कीर्तन किए गए। गीता भवन, कालिका माता मंदिर सभी जगह देवी का विशेष श्रृंगार और पूजन किया गया।
निकाली गई नंदा राज-जात डोली
पहले नवरात्र पर माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर की ओर से नंदा राजजात डोली निकाली गई। ढोल-दमाऊ की थाप पर नीति-माणा घाटी जन-कल्याण डोली, छंतोलियों और ध्वज के साथ यात्रा की शुरुआत डाकरा बाजार से हुई। यात्रा गढ़ी कैंट बाजार, टपकेश्वर कॉलोनी होते वैष्णो देवी मंदिर पर खत्म हुई।
यहां घट स्थापना के साथ देवी उपासना की गई। मंदिर आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि विश्व शांति, भारत को पुन: विश्व गुरु के पद पर आसीन कराने के लिए मंगल कामना की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की सफलता के लिए भी पूजा की गई। यात्रा में अमित, कमल डिमरी, अनिल, अरविंद नौटियाल, दीपेंद्र आदि शामिल थे।
पहले नवरात्र पर घर आई वैष्णवी
पहले नवरात्र पर हरबंस वाला निवासी बिरमी देवी की ना सिर्फ दादी बनने की इच्छा पूरी हुई, बल्कि वैष्णवी के होते मन की मुराद भी पूरी हो गई। दादी तो अस्पताल में लड्डू बांटते नहीं थक रही थी।
पहला नवरात्र होने से बच्ची का नाम वैष्णवी रखा गया। बुआ बरखा ने बताया कि मम्मी ने हमेशा से हम तीनों बहनों को बेहद प्यार किया। अब छोटी बहन की भी शादी होने वाली है। मां यही कहती थी कि बेटी ही घर में आनी चाहिए।
सज गई प्रतिमाएं
बंगाली लाइब्रेरी और दुर्गा बाड़ी में भी दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमाएं सज गई हैं। दोनों जगह साफ-सफाई और रंग-रोगन चल रहा है। पंचमी से यहां कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।