चैत्र नवरात्र के साथ सोमवार से हिंदू वर्ष का नया साल शुरू हो जाएगा। नवसंवत्सर और माता के पूजन के लिए मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं।
माता के श्रृंगार की विशेष तैयारियां
बाजार पूजन सामग्री और माता की चुनरियों से सजे हैं। कालिका माता मंदिर, काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, श्याम सुंदर मंदिर सहित सभी मंदिरों में श्री दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ माता के श्रृंगार की विशेष तैयारियां की गई हैं।
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सुबह 6.30 बजे से मंदिरों और घरों में घट स्थापना की गई। ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि इस वर्ष किसी तिथि का क्षय नहीं होने से चैत्र नवरात्र नौ दिन का है।
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नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती, लक्ष्मी हृदयस्त्रोत, तिलक और कवच का पाठ करना लाभदायक रहेगा।
ऐसे करें घट स्थापना
सुबह स्नान के बाद ईशान कोण में जगह को साफ करें। किसी शुद्ध जगह की मिट्टी में जौ, तिल, गेहूं सहित पांच प्रकार के अनाज के दाने डालकर मिट्टी के बर्तन में रखें। इसमें शुद्ध जल डालकर टूल का कपड़ा और आम के पत्ते रखें।
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इसके बाद नैवेद्य चढ़ाकर पूजन करें। कुछ जगहों पर कलश के ऊपर लाल कपड़ा लपेटकर नारियल रखकर देवी को स्थापित किया जाता है, जिसमें माता की चुनरी, सोलह श्रृंगार आदि किया जाता है।
शुभ मुहूर्त - घट स्थापना
सुबह 6.31 से 7.20 बजे
दोपहर 12.22 से 1 बजे तक