पंडित सेमवाल ने बताया कि इस नवरात्र पर 17 अक्टूबर को श्रीदुर्गाष्टमी तथा महानवमी एवं दशहरा 18 अक्टूबर को एक ही दिन होगा।
आइए जानते हैं किस तरह मां का विशेष पूजन कर सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं।
रशि के अनुसार पूजन:
मेष राशि :- स्कंद माता की विशेष पूजा करें। माता को लाल चंदन, लाल पुष्प और सफेद मिष्ठान चढ़ाएं।
वृषभ राशि :- महागौरी की विशेष पूजा करें। पंच मेवा, सुपारी, सफेद चंदन, सफेद पुष्प चढ़ाएं।
मिथुन राशि :- माता ब्रह्मचारिणी रुप की पूजा करें। केला, पुष्प, धूप से माता की पूजा करें।
कर्क राशि :- माता के शैलपुत्री रुप करा पूजन करें। सफेद बताशे, चावल, दूध, दही चढ़ाएं।
सिंह राशि :- मां कुष्मांडा का पूजन करें। तांबे के पात्र में रोली, चंदन, केसर, कपूर से आरती करें।
कन्या राशि :- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। फल, गंगाजल मां को चढ़ाएं।
तुला राशि :- माता के महागौरी स्वरुप का पूजन करें। दूध, दही, चावल, चुनरी चढ़ाएं और घी के दीपक से आरती करें।