राज्य में प्रस्तावित नेचुरल गैस की दो पाइप लाइन परियोजनाओं को अब केंद्र की कैबिनेट कमेटी आन इनवेस्टमेंट (सीसीआई) ने अपने अधीन ले लिया है।
सीसीआई प्रमुख अनिल स्वरूप ने चार दिन पूर्व परियोजना के जल्द निस्तारण के लिए नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) और वन एवं पर्यावरण विभाग को एनओसी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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घरेलु गैस पहुंचाने की योजना
परियोजना से काशीपुर और हरिद्वार में दो पावर प्रोजेक्ट व देहरादून तक घरेलु गैस पहुंचाने की योजना है।
एक हजार करोड़ से ऊपर की निवेश परियोजनाओं के जल्द शुरू करने के लिए इस वर्ष केंद्र ने बेहद सशक्त कैबिनेट कमेटी आन इनवेस्टमेंट (सीसीआई) का गठन किया है।
नेचुरल गैस पाइपलाइन
सीसीआई ने वर्ष 2011 में उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड और गैल के बीच हुए हुए करार के तहत नेचुरल गैस पाइपलाइन परियोजना निर्माण को अपने अधीन लिया है।
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इसी सिलसिले में 4 सितंबर को सीसीआई के प्रमुख अनिल स्वरूप ने उत्तराखंड शासन, गैल, वन एवं पर्यावरण विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ पाइप लाइन परियोजना को लेकर बैठक की।
एनओसी जारी करने के निर्देश
सीसीआई प्रमुख ने परियोजना में आ रही दिक्कतों को लेकर गैल के अधिकारियों ने वन एवं एनएचएआई की एनओसी मिलने में देरी का मामला रखा।
स्वरूप ने संबंधित विभागों को जल्द एनओसी जारी करने के निर्देश दिए हैं। अब वन विभाग गैल को अनुमति पत्र जारी करने के लिए निर्धारित दस लाख रुपये जमा करवाने के बाद अनुमति जारी करेगा।
वहीं एनएचएआई ने भी प्रस्तावों के तेजी से निस्तारित करने के लिए जल्द एनओसी देने का आश्वासन दिया है। संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष के अंत तक अनुमति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
गैस पाइपलाइन परियोजना का खाका
- लगभग 240 करोड़ की मुरादाबाद से काशीपुर - रुद्रपुर
- ढाई सौ करोड़ की सहारनपुर से हरिद्वार, ऋषिकेश देहरादून पाइप लाइन
- दो पावर प्लांट के लिए काशीपुर और हरिद्वार हैं चिन्हित
- घरेलु कनेक्शन काशीपुर, रुद्रपुर, रुड़की, हरिद्वार और देहरादून चिन्हित