राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर रविवार को मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने और सूची में गड़बड़ी दुरुस्त कराने का अच्छा मौका है।
जरा सी चूक से हो जाएगी सारी मेहनत बेकार
निर्वाचन आयोग ने इस मतदाता दिवस पर ‘सहज पंजीकरण, सहज संशोधन’ का नारा दिया है। इतना ध्यान रखें कि फार्म का एक भी कॉलम गलत न भरें। फार्म भरने में जरा सी चूक सारी मेहनत बेकार कर देगी।
रविवार को शहर के सभी पोलिंग स्टेशनों के बूथों पर बीएलओ सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक उपलब्ध रहेंगे। सारे फार्म बीएलओ के पास निशुल्क उपलब्ध हैं। लोगों को सिर्फ जरूरी अभिलेख साथ लेकर जाना है। दोपहर एक बजे के बाद बीएलओ पिछले अभियानों में मतदाता बने लोगों के फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र बांटेंगे।
इसके साथ ही बूथों पर मतदाताओं को मतदान के संबंध में शपथ पत्र भी पढ़ाया जाएगा। गांधी पार्क में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यहां रविवार सुबह 9 बजे लोगों को मतदान की शपथ दिलाई जाएगी।
फार्म भरने में यह ध्यान रखें
- फार्म पर हस्ताक्षर करना न भूलें
- मकान नंबर फार्म पर जरूर अंकित करें
- कॉलम में जो भरने के लिए कहा गया वही भरें
- पिता के नाम के कॉलम में अपना नाम न लिखें
- पिता के नाम का कॉलम खाली न छोड़ें
- फार्म-8 में मतदाता संख्या सही भरें
नए मतदाता होंगे सम्मानित
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 18 से 19 साल उम्र के 10 नए मतदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। इन्हें राज्यपाल बैज लगाकर सम्मानित करेंगे और फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र देंगे। तहसील ने इन नए 10 मतदाताओं की सूची तैयार कर ली है। बूथों पर बीएलओ इस आयु वर्ग के नए मतदाताओं को सम्मानित करेंगे।
नई कॉलोनी के पते पर नहीं बन पाएंगे वोटर
अगर आप किसी नई कॉलोनी में बसे हैं तो उसके पते पर मतदाता नहीं बन पाएंगे। नई कॉलोनियां आबाद तो हो गई हैं लेकिन उनका अनुभाग मतदाता सूची में नहीं है। नई कॉलोनियों का पता डाला तो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट डाटा स्वीकार नहीं करेगी।
तरीका यह है कि अपने फार्म पर मुख्य मोहल्ले का नाम ही भरे हैं, जिसका अनुभाग वोटर लिस्ट में हो। यह दिक्कत दो-चार, दस लोगों के सामने नहीं है। नए बसे मोहल्लों और कॉलोनियों में रह रहे 20 हजार लोगों के सामने ऐसी दिक्कत आएगी। बीते साल चार नवंबर से दो दिसंबर तक चले अभियान में बहुत से लोगों के फार्म तहसील को वापस भेजे गए थे।
इन फार्मों में जो पता दिया था उनके अनुभाग वोटर लिस्ट में नहीं थे। यही दिक्कत रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर भी आएगी। दरअसल, नई कॉलोनियों और अपार्टमेंट का लोगों ने अपने हिसाब से नए नाम रख हुए हैं। लेकिन इन कॉलोनियों और अपार्टमेंट के नाम से मतदाता सूची में अनुभाग नहीं है।
इस कारण यहां के पते मतदाता सूची में स्वीकार्य नहीं होंगे।एडीओ निर्वाचन पीएस रावत ने बताया कि ऐसे क्षेत्रों के लोग उप मोहल्ले के नाम के बजाय मुख्य मोहल्ले का नाम लिखें। तभी डाटा इंट्री में इसे ‘सेव’ किया जा सकेगा।
बेहतर तरीका यह है कि अपने पोलिंग स्टेशन पर जाकर वहां मौजूद बीएलओ से अनुभाग पूछ लें। अनुभाग का जो नाम वोटर लिस्ट में हो, पते में उसी को डालें।
ऐसे होगी दिक्कत दूर
अगर किसी ने उप मोहल्ले का नाम डाल दिया है तो उसका फार्म रोककर वापस तहसील को भेजा जाएगा। यह दिक्कत तभी दूर हो पाएगी जब बीएलओ इन नए नाम के उप मोहल्ले का अनुभाग खुलवाएगा। इसके बाद मतदाता का नाम इस अनुभाग में दाखिल कर दिया जाएगा।