अमर उजाला से बातचीत में रोहित ने बताया आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके कोच नीरज पांडेय का अहम योगदान है। रोहित बताते हैं कि उन्हें बागेश्वर के फुटबॉलर धीरेंद्र परिहार का हमेशा साथ मिला।
वह मार्च से बागेश्वर में हैं। लॉकडाउन के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लीग टूर्नामेंट छूट गए। अभ्यास भी प्रभावित हुआ। बताते हैं कि बागेश्वर के डिग्री कॉलेज मैदान में नियमित अभ्यास करते हैं।
बीते पांच अगस्त से जिम खुलने से काफी राहत मिली है। रोहित चाहते हैं कि जल्द हालात सामान्य हों और वह फिर से मैदान में उतर सकें।