भारतीय बैडमिंटन जूनियर टीम के कोच रह चुके और वर्तमान में बंगलूरू में प्रकाश पादुकोण एकेडमी में खिलाड़ियों के कोच डीके सेन के छोटे बेटे लक्ष्य ने कम उम्र में ही काफी उपलब्धियां हासिल कर ली हैं। सात साल की उम्र में लक्ष्य स्टेट टीम में सलेक्ट हो गए थे। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 18 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते कई उपलब्धियां अपने नाम कीं। वर्तमान में बंगलूरू में ट्रेनिंग ले रहे लक्ष्य ने फोन पर बताया कि जल्द ही वह यूरोप के ट्रिप पर जा रहे हैं जहां प्रशिक्षण के बाद बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य वर्ल्ड रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंचना है।
लक्ष्य की अब तक की उपलब्धि
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लक्ष्य ने 2019 में जूनियर एशियन चैंपियनशिप जीती। 2017 में लक्ष्य ने बुल्गारिया ओपन और इसी साल हैदराबाद में हुई इंडिया इंटरनेशनल सीरीज में स्वर्ण पदक जीता। योनेक्स पोलिस ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त किया। इससे पहले 2014 में स्विस जूनियर ओपन और विंबल्डन जूनियर चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 2012 में इजरायल जूनियर बैंडमिंटन चैंपियनशिप और 2014 में एरोम कप जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 2018 में अर्जेंटीना में यूथ ओलंपिक में रजत पदक, कनाडा में 2018 में हुए विश्व जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय स्तर पर भी लक्ष्य ने कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए।