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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के शिक्षकों पर संकट

Wed, 12 Aug 2015 03:45 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में रमसा (राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) के 964 शिक्षकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिल पाया है। इससे शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में तैनात शिक्षकों का वेतन केंद्र सरकार वहन करती है। केंद्र का कहना है कि प्रदेश में नए खुले इन स्कूलों में तैनात शिक्षकों को वह शिक्षकों को मिलने वाला शुरूआती वेतन देगी।

इस हिसाब से केंद्र से प्रति शिक्षक लगभग 30 हजार रुपए भुगतान किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश में रमसा के विद्यालयों में ऐसे शिक्षकों की तैनाती की जा रही है, जो विभाग में वर्षों की सेवा कर चुके हैं। इन शिक्षकों का वेतन करीब 50 हजार रुपए है।
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ऐसे में हो यह रहा है कि केंद्र की ओर से दिया जाने वाला छह माह का बजट लगभग तीन माह ही चल पा रहा है। इसी वजह से रमसा के शिक्षकों को वेतन में दिक्कतें होने लगी हैं।

पहले जनवरी से मई तक पांच महीने का वेतन रुका। जून में यह वेतन मिला तो अब जून व जुलाई का वेतन नहीं मिल पाया है। समय पर वेतन न मिलने से बच्चों की फीस और बैंक से लिया गया लोन नहीं चुका पा रहा हूं।
- शत्रुघन सिंह कुशवाह, शिक्षक राउमावि धोइरा कालसी

यदि रमसा के शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं देना है तो विभाग उन्हें उनके मूल विद्यालय में भेजे। विभाग के विद्यालय में कम से कम समय पर शिक्षकों को वेतन तो मिलेगा।
- रमेश पैन्युली, मंडलीय मंत्री राजकीय शिक्षक संघ

शिक्षकों के वेतन में जो अंतर आ रहा है उसे राज्य सरकार वहन करेगी। कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव पास हो चुका है। इस पर शासनादेश होना है, जीओ के बाद ऐसी दिक्कत नहीं होगी।
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- एस राजू, अपर मुख्य सचिव
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