ये बिल न तो आमजन के हित में है और न डॉक्टरों के हित में है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा शिक्षा निम्न वर्ग से दूर हो जाएंगी। बैठक में आईएमए के प्रांतीय महासचिव डॉ. डीडी चौधरी, डॉ. विमल नौटियाल, डॉ. रेखा श्रीवास्तव, डॉ. आलोक आहूजा, डॉ. नवीन आहूजा, डॉ. विक्रांत नंदा, डॉ. डीपी नवानी आदि मौजूद रहे।
निजी डॉक्टरों की हड़ताल के चलते दून, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पतालों में मरीजों की दोपहर बात तक भी कतारें लगी रही। जिसकी वजह से तीनों अस्पतालों में ओपीडी का समय बढ़ाया गया। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में सामान्य प्रतिदिन औसतन 1200 मरीज पहुंचते हैं।
लेकिन बुधवार को यहां 1700 की ओपीडी रही। जबकि कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल में करीब 250 मरीज ज्यादा पहुंचे। तीनों सरकारी अस्पतालों में ओपीडी दो बजे तक रहती है। लेकिन, बुधवार को इनमें तीन बजे तक मरीजों को देखा गया।