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क्रॉस कंट्री में सेना व आईटीबीपी का परचम

Mon, 03 Mar 2014 09:04 AM IST
अमर उजाला, औली
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औली में हो रही राष्ट्रीय जूनियर स्कीइंग एवं सीनियर क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप के पहले दिन क्रॉस कंट्री में आईटीबीपी और सेना का दबदबा रहा।
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इलियास ने पुरुष वर्ग में सोना कब्जाया
आईटीबीपी की रश्मि धामी ने महिला वर्ग, जबकि सेना के मो. इलियास ने पुरुष वर्ग में सोना कब्जाया। जाइंट सलालम के बालिका और बालक जूनियर वर्ग में हिमाचल प्रदेश अव्वल रहा।

औली के अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग स्लोप के पास सीढ़ीनुमा क्रास कंट्री ट्रैक पर शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे से प्रतियोगिता शुरू हुई। पुरुष वर्ग में 15 किलोमीटर की क्रास कंट्री में 24 खिलाड़ी शामिल हुए।
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नौ खिलाड़ियों ने दिखाया दम
गोल्ड और सिल्वर सेना, जबकि ब्रोंज मेडल सेना के गुलमर्ग कश्मीर स्थित हाई एल्टीट्यूड वेलफेयर आर्मी स्कूल (हवास) के नाम रहा।

महिला वर्ग की पांच किलोमीटर क्रास कंट्री में नौ खिलाड़ियों ने दम दिखाया। पहले दो स्थानों पर आईटीबीपी की खिलाड़ी रहीं।

जाइंट सलालम की शुरुआत 11 बजे बालिका वर्ग से हुई। 1600 मीटर लंबे ट्रैक पर दस खिलाड़ियों ने जलवा दिखाया। हिमाचल ने सोना और कांस्य जीता, चांदी जम्मू और कश्मीर के नाम रही।

बालक वर्ग की सलालम प्रतियोगिता में हिमाचल ने स्वर्ण और रजत, जबकि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ स्कीइंग एंड माउंटेनियरिंग, गुलमर्ग कश्मीर ने कांस्य पदक जीता।

सर्दी भगाती है प्रदीप की चाय
चारों ओर बर्फ की मोटी परत, तीखी चुभने वाली हवाएं और बेहद सर्द मौसम। दिलकश नजारों से मन मोहने वाला औली पर्यटकों, खिलाड़ियों के लिए जन्नत सरीखा तो है लेकिन सर्दी उन्हें परेशान भी करती है।

ऐसे में छोटी सी दुकान ‘मैगी प्वाइंट’ उनके लिए बड़ा सहारा है। गर्मागर्म चाय सर्दी का अहसास भगाती है तो चटपटी मैगी भूख मिटाने का जरिया बनती है। तीस साल से औली में चल रही यह दुकान सिर्फ अप्रैल के महीने में बंद रहती है।

लोगों की लंबी कतार
शनिवार को औली में भारी बर्फबारी हुई। इसके बावजूद मैगी प्वाइंट पर चाय पीने के लिए लोगों की लंबी कतार नजर आई। दुकान संचालक प्रदीप सिंह राणा ने बताया कि तीस साल पूर्व उनके पिता बनवारी सिंह राणा ने यह दुकान खोली थी।

प्रदीप मूलत: परसारी गांव के रहने वाले हैं, जो औली से तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित है। प्रदीप ने बताया कि परिवार की रोजी का जरिया यह दुकान ही है। ऐसे में हर रोज वह गांव से पैदल औली आते हैं। कई बार बर्फ अधिक गिरने पर उन्हें रात यहीं बितानी पड़ती है।

रफ्तार की रानी है आंचल
बर्फ की सफेद चादर पर स्की लेकर लहराती नारंगी जैकेट पहनी आंचल ठाकुर रफ्तार की शौकीन हैं। शनिवार को हुई जाइंट सलालम में आंचल ने अपनी रफ्तार के बूते लगातार दूसरे साल स्वर्ण पदक जीता।

शौकिया तौर पर फुटबाल खेलने की शौकीन आंचल ठाकुर हिमाचल प्रदेश के मनाली की रहने वाली हैं। 17 साल की आंचल यूथ विंटर ओलंपिक गेम्स और पांच नेशनल गेम्स भी खेल चुकी हैं।

लड़कों संग जमकर फुटबाल खेलती थीं
आंचल ने बताया कि सात साल की उम्र से वह स्कीइंग कर रही हैं। पहले उन्हें फुटबाल खेलना पसंद करती थी। गांव और स्कूल में वह लड़कों संग जमकर फुटबाल खेलती थीं।
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हर साल सर्दी में गांव में बर्फ गिरती थी तो स्कीइंग शुरू कर दी। उनके पिता रोशनलाल ठाकुर विंटर गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव है। उन्होंने ही आंचल को स्कीइंग के गुर सिखाए।
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