दस फरवरी को एक से 19 साल तक के बच्चों और किशोरों को पेट के कीड़े मारने वाली दवा पिलाई जाएगी। दवा पीने के लिए नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या स्कूल जाना होगा। किसी कारणवश बच्चे छूट जाएंगे उन्हें 15 फरवरी को दवा पिलाई जाएगी।
दस फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन अभियान चलाकर बच्चों और किशोरों को दवा पिलाई जाएगी। जिले में 1907 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिन पर 76903 बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं 1769 स्कूलों में 125253 बच्चे पंजीकृत हैं। इनके अलावा अपंजीकृत बच्चों को भी दवा पिलाई जाएगी।
डीएम ने ली तैयारियों की समीक्षा
अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने कैंप कार्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने कहा दवा खिलाने के लिए स्कूल अध्यापकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समुचित प्रशिक्षण दिलाया जाए।
यह भी सुनिश्चित करें कि पांच फरवरी से पहले स्कूलों में बंटने वाली दवाई ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, आंगनबाड़ी में बंटने वाली दवाई ब्लॉक समेकित बाल विकास अधिकारी कार्यालय, तथा नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में बंटने वाली दवाई नगर शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में पहुंचाई जाए। छह-आठ फरवरी तक दवाई तथा समस्त सामग्री केंद्रों तक पहुंचाई जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि दवाई वितरण से पहले उसकी एक्सपायरी डेट अनिवार्य रूप से जांच ली जाए। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार पांडेय, सीएमओ डॉ. एसपी अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सीएन काला आदि उपस्थित थे।