बाल श्रमिकों को ऊधमसिंह नगर में नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट (एनसीएलपी) विद्यालय खोलने की तैयारी चल रही है। विद्यालय में 50 बाल श्रमिकों के समूह को पढ़ाया जाएगा। 2018-19 की बाल श्रमिकों की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिले में छह से 14 साल के 369 और 15 से 18 साल के 400 बाल श्रमिक हैं।
उपश्रमायुक्त कार्यालय ने एक निजी संस्था को बाल श्रमिकों का सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उक्त गैर सरकारी संगठन ने जिले में 769 बाल श्रमिकों का सर्वे किया है। एनजीओ ने 21 जनवरी को उपश्रमायुक्त कार्यालय को बाल श्रमिकों की सर्वे रिपोर्ट उपश्रमायुक्त कार्यालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट की जिले के श्रम प्रवर्तन अधिकारी भी जांच करेंगे। उसके बाद फाइनल रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद एनसीएलपी विद्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी।
उत्तराखंड का पहला एनसीएलपी का विद्यालय देहरादून में है। इसके बाद दूसरा एनसीएलपी विद्यालय ऊधमसिंह नगर में खोलने की तैयारी है। रुद्रपुर ब्लॉक से सर्वाधिक 336 बाल श्रमिक चिह्नित किए हैं। बाल श्रमिकों को प्रति माह 400 रुपये का वजीफा भी दिया जाएगा।
- उम्मेद सिंह चौहान, सहायक उपश्रमायुक्त
जिले में चिह्नित किए गए बाल श्रमिक
ब्लॉक 6-14 वर्ष आयु 15-18 वर्ष आयु
रुद्रपुर 180 156
काशीपुर 26 26
बाजपुर 28 32
जसपुर 26 23
गदरपुर 34 54
सितारगंज 39 58
खटीमा 36 51
बालश्रम करवाने पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना
सहायक उपश्रमायुक्त ने बताया कि चिह्नित किए गए 769 बाल श्रमिकों की जांच करवाकर संबंधित दुकानदार, होटल मालिकों या ठेकेदारों के खिलाफ 20 से 50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही छह माह या एक साल की सजा का भी प्रावधान है।