अर्जुन ने अपने परिवार के साथ ही उत्तराखंड का नाम रोशन किया। उनकी बहादुरी बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि हम सभी के लिए मिसाल है। यह कहना है मुख्यमंत्री हरीश रावत का। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने बीजापुर हाउस में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले अर्जुन को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने अर्जुन के साथ ही उनकी मां विक्रमा देवी और शिक्षक प्रदीप टम्टा को भी सम्मानित किया। बता दें कि टिहरी गढ़वाल जनपद के ग्राम मालगांव बडियार के अर्जुन सिंह ने 16 जुलाई 2014 को अपनी मां को बाघ से बचाने के लिए बड़ी वीरता से उसका सामना किया।
इस पर उन्हें उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की संस्तुति पर राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था और गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।
अर्जुन को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के तहत 40 हजार रुपये की धनराशि का चेक, 20 हजार रुपये धनराशि की एफडी, एक मेडल व प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। अर्जुन जीआईसी मदकुड़ीसैण के 12 वीं कक्षा के छात्र हैं।
इस मौके पर राज्य बाल कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. आईएस पाल, डॉ. कुसुम रानी नैथानी, मधु बेरी, वीके डोभाल, कमलेश्वर प्रसाद भट्ट, कुसुम कोठारी, पूनम पंवार आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व अर्जुन को राजभवन में राज्यपाल केके पाल और राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में शिक्षकों ने सम्मानित किया गया।