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मंगल पर भेजे गए नासा के अंतरिक्ष यान में उत्तराखंड की इन दो बहनों के भी नाम, जानिए इनके बारे में...

Tue, 23 Feb 2021 03:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
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nasa, mars - फोटो : अमर उजाला
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मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं को तलाशने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की ओर से भेजे अंतरिक्ष यान में उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर की दो बहनों शिवानी मिश्र और हिमानी मिश्र के नाम भी शामिल हैं। शुक्रवार को नासा का यह अंतरिक्ष यान मंगल पर सकुशल पहुंच गया। 

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नासा ने लोगों से 30 सितंबर 2019 तक मांगे थे नाम

अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले लोगों से नासा ने 30 सितंबर 2019 तक नाम मांगे थे, जिन लोगों ने अपने नाम भेजे, उन्हें ऑनलाइन बोर्डिंग पास दिए गए। सभी नामों को एक सिलिकॉन वेफर माइक्रो चिप पर एक इलेक्ट्रॉनिक बीम की मदद से उकेरा गया है। नासा का मंगल मिशन जुलाई 2020 में लांच किया गया था।

कैलीफोर्निया स्थित नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के ब्रूस बैनर्ड ने कहा कि मंगल अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले सभी आयु के लोगों को रोमांचित करता है। यह उन्हें उस अंतरिक्ष यान का हिस्सा बनने का मौका देगा जो मंगल ग्रह के बारे में अध्ययन करेगा।

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नासा के मंगल मिशन का उद्देश्य कई सवालों के जवाब खोजना

शिवानी मिश्र एमबीपीजी कॉलेज से भौतिक विज्ञान में शोध कर रही हैं। हिमानी मिश्र महिला डिग्री कॉलेज से भौतिक विज्ञान में एमएससी कर रही हैं। दोनों सगी बहनें हैं तथा इनके पिता डॉ. संतोष मिश्र एमबीपीजी कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर हैं।

नासा के मंगल मिशन का उद्देश्य कई सवालों के जवाब खोजना है। मंगल ग्रह पर जीवन की कितनी संभावनाएं हैं? या क्या मंगल पर कभी जीवन था? नासा का रोवर मंगल पर खुदाई करके वहां की मिट्टी के सैंपल भी इकट्ठा करेगा। रोवर ये सैंपल वहीं छोड़ देगा और भविष्य में जाने वाला एयरक्राफ्ट इस सैंपल को धरती पर लेकर आएगा।

शिवानी, हिमानी को विश्वास है कि भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो जल्द ही मानवयुक्त यान मंगल पर भेजने में कामयाब होगी। दुनिया हमें ज्ञान गुरु के रूप में तो जानती ही है मगर अब हम भारतीयों को विज्ञान गुरु बनने की जरूरत है।
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