प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हल्द्वानी के इंटरनेशनल ड्रग्स माफिया बनमीत नरुला के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। बनमीत और उसके भाई परमिंदर ने दुनिया के बड़े डार्क वेब मार्केट के माध्यम से 4.5 हजार करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया है। यह सारा कारोबार क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन में हुआ है। सालों तक चले इस धंधे में नरुला बंधुओं को आठ हजार से ज्यादा बिटकॉइन मिले थे। इनमें से करीब दो हजार करोड़ रुपये मूल्य के लगभग चार हजार बिटकॉइन बनमीत अमेरिकी प्रशासन के सामने सरेंडर कर चुका है। इस वक्त बनमीत नरुला सात दिनों की ईडी कस्टडी रिमांड में है।
इंटरनेशनल ड्रग्स माफिया बनमीत नरुला यूरोप और अमेरिका में अवैध ड्रग्स के कारोबार से जुड़ा था। यूरोप और अमेरिका की एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थी। वह दुनिया के हर बड़े डार्क वेब मार्केट से जुड़ा था। धीरे-धीरे इन वेब मार्केट पर प्रतिबंध लगा तो नरुला की तलाश होने लगी। इस बीच वर्ष 2019 में लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद नरुला को अमेरिका को प्रत्यर्पित कर दिया गया। वहां उस पर कोलंबिया स्टेट में मुकदमा चला और वर्ष 2023 में उसे पांच साल की जेल और 50 लाख डॉलर का जुर्माना लगा। इस साल अप्रैल में नरुला जमानत पर छूटकर भारत आ गया। तब तक यहां ईडी की नजरों में भी नरुला और उसका भाई परमिंदर चढ़ गया। उसके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डि्रंग एक्ट (पीएमएलए-2002) के तहत जांच शुरू हो गई।
गत 27 अप्रैल को ईडी ने उसके भाई परमिंदर को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, बनमीत नरुला भारत आते ही अंडरग्राउंड हो गया। जांच के दौरान ईडी ने परमिंदर के ई-वॉलेट से 268 बिटकॉइन भी जब्त किए। इनकी कीमत करीब 131 करोड़ रुपये बताई गई है। इस बीच बुधवार को बनमीत नरुला को भी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया और स्पेशल कोर्ट ने उसे सात दिन की कस्टडी रिमांड में भेज दिया। उससे पूछताछ और पड़ताल के बाद ईडी ने बनमीत के अवैध करोबार के बारे में बताया कि बनमीत और परमिंदर ने 8008 बिटकॉइन लगभग 4.5 हजार करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया है। ये बिटकॉइन इनके विभिन्न ई-वॉलेट में मौजूद थे। इनमें से 3800 से ज्यादा बिटकॉइन को बनमीत अमेरिकी प्रशासन के सामने सरेंडर भी कर चुका है।
तीन बड़े डार्क वेब मार्केट व वेंडर वेबसाइट से जुड़ा था नरुला
ईडी की जांच में पता चला हैकि नरुला दुनिया के हर बड़े डार्क वेब मार्केट से जुड़ा था। इन पर वह वेंडर वेबसाइट के माध्यम से ऑर्डर लेता था और बिटकॉइन लेकर ड्रग्स सप्लाई करता था। नरुला इन मार्केट पर सिंह ड्रग्स ट्रैफिकिंग ऑर्गेनाइजेशन (सिंह डीटीओ) नाम से संगठन चलाता था। वह सिल्क रोड वन, अल्फा बे और हंसा जैसे डार्क वेब मार्केट पर कारोबार करता था। इन सभी डॉर्क वेब पर यूरोप और अमेरिका प्रतिबंध लगा चुके हैं।