नारी निकेतन में सामान्य संवासिनियों की संख्या भले ही 34 से घटकर 18 हो गई है, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर संवासिनियों को घर ले जाने में लोग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। ऐसी संवासिनियों को घर भेजने के लिए अब विभाग ने कमर कस ली है। परिवार वालों के फोन न उठाने पर अब उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है।
नारी निकेतन में रहने वाली मानसिक रूप से कमजोर संवासिनियों की सुध कोई नहीं ले रहा है। यहां अब भी 102 संवासिनियां हैं। विभाग की ओर से ही इन संवासिनियों को घर भेजने के लिए पहल की गई है। इसके लिए इनके घर ढूंढकर फोन भी किए गए, लेकिन परिवार वालों ने फोन उठाने ही बंद कर दिए हैं। जबकि विभाग चाहता है कि इन संवासिनियों को घर ले जाया जाए और संपत्ति में हिस्सा दिया जाए।
भरण-पोषण का खर्च उठाए परिवार
यदि ऐसा नहीं होता तो फिर नारी निकेतन में रहने के बावजूद उनका भरण-पोषण का खर्च उठाया जाए। विभाग की ओर से कई बार फोन करने के बाद जब परिवार वालों की रुचि नहीं दिख रही है तो ऐसे लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया गया है। टिहरी और रुद्रप्रयाग के दो परिवारों को इस संबंध में नोटिस भी भेजा जा चुका है। अब धीरे-धीरे कर सभी संवासिनियों के घर वालों को नोटिस भेजा जाएगा।
उच्च अधिकारियों के स्तर से यह निर्णय लिया गया है। दो परिवारों को नोटिस दिया गया है। मानसिक रूप से विक्षिप्त संवासिनियों को ले जाने में जब परिवार वाले रुचि नहीं दिखा रहे हैं, तो यह कदम उठाना पड़ रहा है। जबकि वह संवासिनियां घर जाना चाहती हैं।
-मीना बिष्ट, प्रोबेशन अधिकारी