नशे की फसल पर अंकुश लगाने में नाकाम प्रशासन अब नारकोटिक्स विभाग की मदद ले रहा है। रेक्चा और फिताड़ी गांव की महिलाओं ने भी अपना संगठन बनाकर गांव में अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने का अभियान शुरू कर दिया है।
हालांकि प्रशासन ने कई टीमें बनाकर पहले अवैध खेती को नष्ट करने का अभियान शुरू कर दिया था किंतु अब मोरी में बड़े पैमाने पर नशे की खेती को देखते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो लखनऊ क्षेत्र की टीम ने मोरी में डेरा डालकर चार गांवों में 40 हेक्टेयर खेती नष्ट कर अपना अभियान शुरू कर दिया है।
मोरी क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव में वर्षों से चली आ रही अफीम की खेती पर अंकुश न लग पाने के कारण स्थानीय लोग भी नशे के आदी बनते जा रहे हैं। यहां तक कि विवाह समारोह जैसे कार्यक्रमों में यहां शराब के बजाए लोगों को अफीम परोसी जा रही है।
तस्करों पर कसेगा शिकंजा
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- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा आदि बाहरी राज्यों से आने वाले तस्करों के जाल में फंसकर ग्रामीण पोश्त की खेती कर उसके फल पर कीड़ा लगाकर अफीम तैयार कर हर साल करोड़ों का माल तस्करों के हवाले कर रहे हैं।
प्रशासन ने फिताड़ी, रेक्चा तथा लिवाड़ी गांव में ग्राम प्रहरी, होमगार्ड तथा गोविंद पशु विहार कर्मियों की मदद लेकर सोमवार को भी अवैध खेती को नष्ट करने का अभियान चलाया।
रेक्चा तथा फिताड़ी गांव में संयुक्त रूप से लक्ष्मी देवी, भूमि देवी, रेश्मी, गीता आदि 40 महिलाओं ने प्रशासन की मदद में हाथ बंटाया। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो लखनऊ के अधिकारी वीके सिंह के नेतृत्व में आई पांच सदस्यीय टीम ने खन्यासणी, पुजेली, भीतरी गांव में 40 हेक्टेयर खेती नष्ट कराई।
ब्यूरो की और टीमें भी मोरी पहुंचेंगी। डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ‘हम नारकोटिक्स ब्यूरो के साथ साझा अभियान चलाकर मोरी में नशे की खेती समाप्त करेंगे। इसके लिए हमने पहले ही अपना अभियान शुरू कर दिया था’।