बदरीनाथ धाम में शुक्रवार को नर-नारायण जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय भक्तों ने भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया। देश के अंतिम गांव माणा के समीप लालढुंगी नामक स्थान से भगवान नर-नारायण की भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई।
बदरीनाथ धाम में शुक्रवार को भगवान नर और नारायण की प्रतिमाओं को पालकी में बैठाकर माणा गांव में स्थित माता मूर्ति मंदिर तक ले जाया गया। आचार्य ब्राह्मणों द्वारा नर-नारायण की प्रतिमा पर मंत्रों से शक्ति चढ़ाई गई। सुबह ग्यारह बजे पूजा-अर्चना के बाद नर-नारायण भगवान की उत्सव यात्रा आयोजित की गई। माणा गांव होते हुए भगवान की डोली ने बदरीशपुरी का भ्रमण कर भक्तों को दर्शन दिए।
इस दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भगवान नर-नारायण से मनौतियां मांगी। यात्रा में तीर्थयात्रियों, वेदपाठियों के साथ ही देश के अंतिम गांव माणा और बामणी गांव के ग्रामीणों ने भी भाग लिया। अपराह्न तीन बजे उत्सव डोली जैसे ही बदरीनाथ धाम परिसर में पहुंची तो यहां बदरीनाथ के जयकारों से धाम गुंजायमान हो उठा।