दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 5:20 बजे उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। उत्तराखंड से उनकी बेहद खास यादें जुड़ीं हैं। मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ क्षेत्र में पहुंचे फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर यहां के मुरीद हो गए थे। उन्होंने भविष्य में यहां जमीन खरीदकर रहने की इच्छा जताई। जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने भी नाना पाटेकर से मुलाकात कर उन्हें स्थानीय सेब और अखरोट भेंट किए थे।
नाना पाटेकर यहां नौ दिनों तक रहने के बाद फिर हेलिकॉप्टर से रुद्रप्रयाग जनपद के गुप्तकाशी पहुंचे थे। चमोली जनपद की चीन सीमा से लगी नीती घाटी में नौ दिनों तक मराठी फिल्म की शूटिंग हुई। फिल्म के मुख्य किरदार नाना पाटेकर अपने अन्य सहयोगियों के साथ नीती गांव, तपोवन और लाता क्षेत्र में पहुंचे थे।
स्थानीय लोगों से कही थी ये बात
उन्होंने सेना ब्रिगेड में अधिकारियों व जवानों से भी मुलाकात की थी। सेना ब्रिगेड में नाना पाटेकर ने मराठी, तेलगू भाषा बोलने वाले जवानों के साथ उनकी बोली-भाषा में ही बात कर खूब हंसी-ठहाके लगाए। नाना पाटेकर ने स्थानीय लोगों से कहा था कि उन्हें यहां की वादियां बेहद खुबसुरत लगी। उन्होंने भविष्य में यहां जमीन खरीदकर यहां रहने की इच्छा जताई।