उत्तराखंड में उप निरीक्षकों की भर्ती परीक्षा की चयनित सूची से नाम गायब होने से 32 अभ्यर्थी मायूस हैं। इनमें से कई के दारोगा न बनने की वजह से रिश्ते भी टूट गए हैं। अब अभ्यर्थियों ने अधिवक्ताओं से राय मशविरा के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी की है।
दारोगा भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की फाइनल सूची में 32 अभ्यर्थियों को बाहर कर नए को शामिल किया गया है। इससे पहले आरक्षण रोस्टर में चूक की वजह से अंतिम सूची में उनका नाम शामिल हो गया था। चयनित सूची आने के बाद इन अभ्यर्थियों के दारोगा बनने का रास्ता साफ लग रहा था।
इस दौरान कई के रिश्ते भी तय हो गए थे, लेकिन अब फाइनल सूची से नाम हटने के कारण उन्हें झटका लगा है। दारोगा न बन पाने के कारण दो का रिश्ता भी टूट गया है।
अभ्यर्थी विपिन राणा, मनोज सेमवाल और सूर्या चौहान का कहना है कि पुलिस विभाग की चूक का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। निकाले गए अभ्यर्थी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। ऐसे में हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।