वहीं केदारनाथ फिल्म का ट्रेलर आते ही संतों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने फिल्म में अश्लील दृश्यों के साथ अभिनेत्री की भूमिका होने का विरोध किया है। संतों ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म को उत्तराखंड के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया तो चलने नहीं दिया जाएगा और तोड़फोड़ आदि की जिम्मेदारी सरकार की होगी। वहीं फिल्म में मुस्लिम अभिनेत्री को लेने के मामले में भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
बता दें कि, विश्व हिंदू परिषद ने भी आरोप लगाया कि हिंदू धार्मिक मान्यता पर कुठाराघात के उद्देश्य से काल्पनिक कहानी पर आधारित फिल्म केदारनाथ को बनाया गया है, जिसे उत्तराखंड में रिलीज न करने की मांग की गई है।
भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने भी हाल ही में जारी केदारनाथ फिल्म के ट्रेलर को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने एक पोस्ट डाली है, जिस पर बड़ी संख्या में कमेंट्स आए हैं और ज्यादातर ने उनके उठाए सवालों पर सहमति जताई है।
फेसबुक पर डाली गई अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2013 की त्रासदी पर बनाई जा रही फिल्म को लेकर खासा उत्साह था, लेकिन वो अब आशंकाओं में तब्दील होता दिख रहा है।
फिल्म के जारी एक मिनट 39 सेकंड के टीजर व पोस्टर में केदारनाथ की तबाही और नायक-नायिका के बोल्ड सीन, नायक के नमाज अदा करने को भाजपा नेता ने हिंदू मान-मर्यादाओं और प्रतीकों के साथ खिलवाड़ करार दिया है।