पुलिस की मौजूदगी में घरों पर पढ़ी जुमे की नमाज
नगर पालिका के भवन में नमाज पढ़ने से उठे विवाद के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज निजी आवास पर पढ़ी गई। इफ्तेखार मलिक का कहना है कि हम 35 साल से यहां रह रहे हैं। पहले भी नगर पालिका के भवन पर रमजान की नमाज पढ़ी जाती रही है, तब पर्ची कटवाई जाती थी लेकिन इस बार लिखित अनुमति नहीं होने पर विवाद खड़ा हुआ। रमजान की नमाज अदा करना घर के अंदर संभव नहीं होता है। इसके लिए हॉल की जरूरत होती है। इस दौरान वहां पुलिस भी तैनात रही।
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विवाद से भाईचारे पर नहीं पड़ेगा असर
सलीम राजा का कहना है कि हमारे पूर्वज कई वर्षों से यहां रहते आए हैं। कभी कोई दिक्कत नहीं आई है। नगर पालिका के हाल में नमाज पढ़ने को लेकर जो विवाद हुआ उससे भाईचारे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।