इसी बीच दोपहर करीब तीन बजे चचेरे भाई नितिन तिवारी(15) पुत्र राजू तिवारी निवासी पूरनपुर चकलुवा और पंकज तिवारी(16) पुत्र मोहन चंद्र तिवारी भी नदी पार कर मंदिर जाने लगे। जैसे ही दोनों भाई नदी के बीच पहुंचे तो तेज बहाव में बहने लगे। खुद को बहता देख दोनों भाई बचाओ बचाओ करके चिल्लाने लगे। तभी जंगल में गश्त कर रहे बरहैनी रेंज के बीट वाचर नरेश सैनी और हरिओम को किशोरों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो वह नदी की तरफ भागे। दोनों वचारों ने नदी में कूदकर उन्हें बचाने का प्रयास किया।
नदी के तेज बहाव में उन्होंने पंकज को तो पकड़ लिया, लेकिन नितिन बह गया। इस बीच वहां से गुजर रहे ग्रामीणों को जैसे ही इसकी सूचना लगी तो वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने प्रशासन को घटना की सूचना दी। ग्रामीणों की मदद से पुलिस टीम ने खोजबीन शुरू की तो करीब ढाई घंटे के बाद ग्रामीणों को नीरज का शव नदी में पड़े पेड़ से मिला।