बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला आया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। मामले को लेकर लोगों में आक्रोश है। पुलिस शांति व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है। आसपास के थानों से पुलिस बुला ली गई है। पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है।
-जगदीश चंद्रा, एसपी क्राइम
घरों पर फेंके पत्थर तो पुलिस को चलाना पड़ीं लाठियां
गाड़ी पड़ाव में घरों में तोड़फोड़ कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई। तभी कुछ भीड़ कम हुई। हालांकि पुलिस के लाठी चलाने पर कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे और दोबारा कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। हिंदूवादी संगठन ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए।
किशोरी को कार में ले जाकर किया दुष्कर्म और सड़क पर उतार गया
बुधवार रात हुए बवाल की वजह बनी दुष्कर्म की घटना अभी पूरी तरह सामने नहीं आ पाई है। वहीं कोतवाली के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि हवस का शिकार हुई किशोरी की मां रिश्तेदारी में कहीं बाहर गई थी। पति और बच्चे यहीं थे। ऐसे में अपने घर का कामकाज कराने के लिए तीन दिन पहले बुजुर्ग ने महिला की बेटी को अपने यहां बुला लिया था। उसने बालिका को 200 रुपये भी दिए। अगले दिन वह किशोरी को अपनी कार में ले गया और दुष्कर्म किया। उसने किशोरी को शहर की एक प्रमुख रोड पर उतार दिया और चला गया। किशोरी के घरवालों को जब जानकारी हुई तो बुधवार को उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
आरोपी से मिलीभगत का आरोप लगा डॉक्टर बेटे भी गुस्सा
जिस बुजुर्ग ठेकेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगा है, उसका बेटा यहां के सरकारी अस्पताल में ही डॉक्टर है। उसी अस्पताल में किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने की जब तैयारी की गई तो भीड़ और गुस्सा गई। लोगों का कहना था कि इस अस्पताल में किसी सूरत में मेडिकल परीक्षण सही नहीं होगा। यह भी आरोप लगा कि पुलिस की आरोपी बुजुर्ग से मिलीभगत है, इसलिए उसे बचाने का हर तरीका पुलिस इस्तेमाल कर रही है। इसी कारण भीड़ ने बुजुर्ग के साथ उसके बेटे पर भी कार्रवाई की मांग रखी।