इस मामले में अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयान से नाराज कोर्ट ने सभी मृत बाघों की विसरा जांच रिपोर्ट तत्काल कोर्ट में पेश करने को कहा। हाईकोर्ट ने वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते और बीएल साह की कॉर्बेट पार्क की शोध पर आधारित रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि इन शोध को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के समक्ष पेश किया जाए। कोर्ट ने कॉर्बेट पार्क के बफर जोन में स्थित सुंदरखाल गांव को खाली करवा कर यहां के निवासियों को विस्थापित किये जाने के निर्देश भी दिये।
बीमार हाथियों का इलाज कराएं.....
हाईकोर्ट ने रिजॉर्टों से छुड़ाये गये बीमार हाथियों की जांच व उनका इलाज करने को कहा और टीबी से ग्रसित हाथियों को अन्य हाथियों से अलग रखने को कहा है। खंडपीठ ने पूर्व के आदेशों का पालन न होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी हाईकोर्ट में पिकनिक मनाने आते हैं। कोर्ट ने पेश शपथ पत्र पर नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव रणबीर सिंह से अदालत के आदेशों का पालन कराने में सहयोग करने को कहा।
सुंदरखाल का नाम लेने से डरते क्यो हैं अधिकारी
कॉर्बेट से सटे सुंदरखाल ग्राम को खाली कराने के निर्देश देते हुए कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि वन विभाग व प्रशासन के बड़े अधिकारी या तो इस गांव का नाम न जानने का दावा करते हैं या इसका नाम लेने से परहेज करते हैं। कोर्ट ने मामले में वस्तुस्थिति सही तरीके से रखने के लिए डीएफओ नेहा वर्मा की जमकर सराहना करते हुए उन्हें बहुत साहसी और उत्कृष्ट अधिकारी बताया।