कोर्ट ने कहा-गुप्त न रखें रिपोर्ट
सरकार की ओर से शपथ पत्र दिया गया कि उसने संबंधित विशेषज्ञों से सलाह की थी और उनकी रिपोर्ट भी संलग्न की जिसका संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव को व्यक्तिगत पेशी से राहत दे दी। कोर्ट ने मामले में यह टिप्पणी भी की कि सरकार को ऐसी रिपोर्ट गुप्त न रखकर आम लोगों से साझा करनी चाहिएं।
यह था मामला
पीसी तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश सरकार की ओर से जनता की समस्या को नजरंदाज किया जा रहा है और उनके पुनर्वास के लिए रणनीति नहीं बनाई गई है.
- किसी भी समय जोशीमठ तबाह हो सकता है। प्रशासन ने छह सौ ऐसे भवनों की चिन्हित किया है जिनमें दरारें आई हैं जो बढ़ती ही जा रहीं हैं।
- 1976 में मिश्रा कमेटी ने जोशीमठ को लेकर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को दी थी जिसमें कहा था कि जोशीमठ मिट्टी व रेत-कंकड़ से बना है यहां मजबूत चट्टान नहीं है। कभी भी भू धंसाव हो सकता है।
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पीयूष और एमपीएस बिष्ट की रिपोर्ट का भी दिया था हवाला
25 नवंबर 2010 की पीयूष रौतेला व एमपीएस बिष्ट की रिपोर्ट का भी हवाला दिया था। आपदा से निपटने की तैयारी की कमियां भी गिनाई गईं थीं। कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति से रिपोर्ट लेने के के निर्देश दिए थे।