हाईकोर्ट ने टिहरी बांध विस्थापितों के लिए ऋषिकेश के वीरपुर खुर्द में बन रही कॉलोनी में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इसी जगह से 27 जून तक पेड़ काटने पर भी रोक लगाते हुए टीएचडीसी को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
टिहरी विस्थापितों को बसाने के लिए सरकार ने टीएचडीसी को 222.60 हेक्टेयर जमीन दी थी। यह जमीन पूरी तरह से ग्रीन बेल्ट में थी। 99 साल की लीज के साथ सरकार ने इसमें कई शर्तें भी लगाई थीं।
इसमें एक शर्त यह भी थी कि टिहरी विस्थापितों के लिए आवास तैयार करते समय जितने पेड़ काटे जाएं, उनका रोपण उसी के आसपास किया जाएगा। टीएचडीसी ने पेड़ काटकर निर्माण तो किया मगर पेड़ों का रोपण नहीं किया।
इस पूरे मामले पर विभा देवी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि जब तक टीएचडीसी पौधरोपण नहीं करती तब तक आगे के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी जाए। साथ ही टीएचडीसी को आदेश दिया जाए कि वह पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई करे। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति शरद शर्मा की खंडपीठ ने फिलहाल पेड़ काटने व निर्माण पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 27 जून को होगी।