आदेश के बाद भी छात्रों की बढ़ी हुई फीस वापस नहीं करने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज देहरादून को अवमानना नोटिस जारी करते हुए कॉलेज प्रबंधन को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की छात्रा मनिका और अन्य ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड सरकार ने 14 अक्टूबर 2015 को शासनादेश जारी कर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में शुल्क 80 हजार से बढ़ाकर 2.15 लाख रुपये कर दिया था। इस शासनादेश को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों से बीएएमएस कर रहे विद्यार्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 9 जुलाई 2018 को इस शासनादेश को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बताते हुए निरस्त करते हुए कॉलेजों के प्रबंधन को आदेश दिए थे कि वे दो सप्ताह के भीतर वसूला गया बढ़ा हुआ शुल्क छात्रों को वापस करें। एकलपीठ के इस आदेश को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन ने खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर एकलपीठ के आदेश को सही ठहराया था।
अवमानना याचिका में कहा गया है कि लंबे समय बाद भी आयुर्वेदिक कॉलेजों ने वसूला गया बढ़ा हुआ शुल्क वापस नहीं किया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने आयुर्वेदिक कॉलेज को अवमानना नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।